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Sadak Suraksha Par Nibandh

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Sadak Suraksha Par Nibandh ( 250 शब्द मेे )

वर्तमान समय मेे सड़क सुरक्षा हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। क्योंकि भारत एक ऐसा देश है जहाँ यातायात के नियम और सड़क सुरक्षा की अनदेखी के कारण हर साल हजारों मौतें होती हैं। इसकी वजह है कि हम ड्रायविंग करते समय यातयात के नियम पालन नहीं करते। जिसकी वजह से हर रोज ना जाने कितने लोगो की जान जा रही है।

भारत देश में सड़क दुर्घटनाएं एक गंभीर समस्या है। हर दिन सड़क दुर्घटना से मरने वालों की खबरें समाचारों में प्रमुखता से होती है। सड़क दुर्घटना पर कई आंकड़े भी हैरान करने वाले होते हैं। लोगो के द्वारा सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी और वाहनों की भिड़त से होने वाली मौतों की संख्या बढ़ रही हैं। इसे निपटने के लिए सख्त कानून की जरूरत हैं और साथ ही सब नागरिकों को खुद से जिम्मेदारी सड़क सुरक्षा नियमों को अपना कर्तव्य माने तो सड़क दुर्घटनाएं काफी कम किया जा सकता हैं।

भारत देश में सड़क मेे होने वाली घटनाओं का मुख्य कारण लोगो द्वारा सड़क यातयात नियमों की अनदेखी करना है । जैसे तेज गाड़ी चलना , गलत दिशा में गाड़ी चलना ,नशे में गाड़ी चलना , यदि यहां सब दुर्घटना के मुख्य कारण हैं। सबसे अधिक वाहन चालकों की वजह से हादसे होते हैं। सड़क दुर्घटना मेे करीब 80 फीसदी दुर्घटना वहन चालकों की वजह से होता हैं। इसलिए सबसे अधिक ध्यान वाहन चालकों की गलती सुधरने मेे करना चाहिए । ज्यादा से ज्यादा वाहन चालकों को प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।

Sadak Suraksha Nibandh ( 500 शब्द )

प्रास्तवना :-

Sadak Suraksha Par Nibandh भारत देश में आज के समय में सबसे अधिक मौत बीमारी नहीं बल्कि सड़क हादसे की वजह से हो रही हैं।आज के समय में सड़क दुर्घटना आम सी बात हो गई हैं। बढ़ते यतायात और सड़क सुरक्षा आज भारत देश के लिए सबसे बड़ी समस्या हैं।

सड़क पर होने वाली ऐसी घटनाओं का मुख्य कारण हैं की यातायात के नियम को अनदेखा करना , तेज गति से वाहन चलना , गलत दिशा में गाड़ी चलना और नशे मेे गाड़ी चलना यदि मुख्य कारण हैं। सामाजिक एवं औद्योगिक विकास के साथ साथ हमनें अनेक साधन विकसित किए हैं। जिनमे सड़क साधन सबसे प्रमुख साधन हैं। यातायात सुरक्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार के नियम बनाए गए हैं इन नियमो का पालन करना सभी नागरिकों का कर्तव्य है।

यातायात के प्रमुख साधन :-

आदिकाल में मनुष्य के पास यातायात के साधन नहीं थे। लेकिन धीरे-धीरे सभ्यता के विकास के साथ उसे आवागमन के कुछ आसान उपायों की आवश्यकता महसूस हुई। उसकी इन्हीं आवश्यकताओं ने उसे आवागमन के लिए पशुओं का उपयोग करना सिखाया ।

उसने उस समय और स्थान के साथ घोड़ों, हाथियों, ऊँटों आदि का प्रयोग करना शुरू किया। घोड़े तथा ऊँट तो आज भी मनुष्य के अनेक कार्यो में प्रयोग किए जाते हैं । गाँवों में जहाँ कच्ची सड़कें व पगडंडियाँ हैं वहाँ आज भी घोड़ों व बैलों आदि का प्रयोग होता है।

यातायात के आधुनिक साधनों ने विश्व की सीमाओं को अति सीमित कर दिया है। रेलगाड़ी, मोटरकार, बस, हवाई जहाज आदि के माध्यम से बहुत कम समय में ही लंबी दूरी तय की जा सकती है।

सड़क सुरक्षा के नियम :-

सड़क मेे चलते समय सभी लोग यातायात के नियमों का पालन करना कर्तव्य है। गाड़ी चलते समय , पैदल चलते समय हमें यातयात के नियम का पालन करना चाहिए । भीड़ भड़ वाले जगहें मेे हमे धीरे चलना चाहिए और हॉर्न का उपयोग करना चाहिए। कभी दौड़ कर रास्ता पर नहीं करना चाहिए।

चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का उपयोग करना चाहिए और दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग करना चाहिए और वाहनों में साइट शीशा होना चाहिए ताकि पता चल सके कि पीछे गाडियां के बारे में सड़क पर पैदल चलते समय हमें फुथपथ का उपयोग करना चाहिए।

सड़क सुरक्षा के संकेत :-

Sadak Suraksha Par Nibandh भारत देश में सड़क सुरक्षा के लिए सरकार ने सड़क सुरक्षा के लिए संकेत बनाये जाते है। सड़क मेे चलते समय हमें कई चौराहे पड़ते है। उन चौराहो पर अलग-अलग तरह के संकेत दिखाई देते है यह संकेत सड़क सुरक्षा के लिये बनाए जाते है। ताकि इन संकेतो के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओ को रोका जा सकता है।

आप सड़क मेे चलते समय हमे रेड लाइट, येलो लाइट,ग्रीन लाइट आदि सड़क सुरक्षा के लिये कुछ संकेत बनाए जाते है। ज़ब ट्रेफिक रहता है, तो रेड लाइट जलती है, तो रुकने का संकेत देती है। ग्रीन लाइट जलती है, तो थोड़ी देर और इंतज़ार करे और येलो लाइट जलने का संकेत यह है कि आप अपने वाहन को आगे ले जा सकते है।

सड़क दुर्घटनाओ से बचने के उपाय :-

सरकार द्वारा यातायात के बनाए गए नियमों का पालन जरूरी ही भी बल्कि हमारा कर्तव्य है। जो भी यातायात के नियम तोडे उन पर पुलिस चालान काटती है। और उन पर दंडित किया जाता हैं। तभी सड़क दुर्घटनाओ से बच सकते हैं।

सड़क पर हम अगर बिना लाइसेन्स वाले वाहन चलाते है तो पुलिस कार्यवाही करती है और जिन युवा की उम्र 15-17 साल के होते है और उनसे वाहन चलाते नहीं आता लेकिन फिर भी वह वाहन चलाते पाए जाते है तो दंड दिया जाता है हमें इन सब का ध्यान रखना चाहिए ताकि हम सड़क दुर्घटनाओ से बच सके।

निष्कर्ष :-

Sadak Suraksha Par Nibandh सड़क मेे तेजी से चलते वाहन के वजह से काफी सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही है।इसके लिए हमें खुद जिम्मेदारी लेना होगा । साथ ही सरकार द्वारा भी सड़को की स्थिति को सुधारे जाने के लिए यातायात नियमों को और भी कठोर रूप से लागू किये जाने की आवश्यकता है।वाहन मेे चलते समय अनदेखा ना करे नियमों का पालन करें और धैर्य रखें तो सड़क सुरक्षा दुर्घटना से बच सकते हैं।

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