Paryavaran Pradushan Par Nibandh

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नमस्कार दोस्तों अगर आप तीसरी ,चौथी, पांचवी, छठवीं, सातवी, 8वीं , 9वीं , कक्षा में यहां निबंध परीक्षा में जरूर पूछा जाता। और पुस्तक मेे काफी कठिन शब्दो मेे होता है। अगर आप 300 से 400 सरल शब्दो का पर्यावरण प्रदूषण निबंध हिंदी में की खोज में हो तो आपके लिए सबसे अच्छे पृष्ठ मेे आए हो हमने आपके लिए यहां पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध In Hindi आपके लिए उपलब्ध किया है। आप नीचे पृष्ठ को पूरा पढ़े ।

पर्यावरण प्रदूषण निबंध हिंदी में ( 400 शब्दो में)

1.प्रस्तावना :-

हमारे धरती के चारो और जो परिवेश होता है उसे पर्यावरण कहते हैं। आधुनिक दुनिया की नई नई तकनीकों की वजह से खतरे में है । जिसमें सभी जीव जन्तु , प्रजाति के विकास जीवन और मृत्यु को बुरी तरह से प्रभावित किया है । इस संसार में हर वस्तु प्रदूषण से ग्रसित है ।जिनमे वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, उष्मीय प्रदूषण, रेडियोधर्मी प्रदूषण, मृदा प्रदूषण यदि शामिल है। इसी कारण से पर्यावरण प्रदूषण एक बहुत बड़ी समस्या बन गई है।

2.पर्यावरण प्रदूषण के कारण :-

वैज्ञानिकों ने पर्यावरण प्रदूषण कुछ कारण बताए हैं। जिसमें निम्न कारण हैं परमाणु संयंत्र , शहरीकरण, उद्योगों, खनिज पदार्थों क दोहन, सडको का निर्माण, बांधो का निर्माण, वाहनों का चलना, कारखानों से निकले धुआ यदि। से निकलने वाले दूषक पदार्थों को नष्ट नही किया जा सकता है। जिसके कारण पर्यावरण प्रदूषण होता है।

3.पर्यावरण प्रदूषण का प्रभाव :-

पर्यावरण के किसी भी घटक में होने वाला अवांछनीय परिवर्तन पर्यावरण प्रदूषण में मानव की विकास प्रक्रिया, औद्योगिकीकरण तथा नगरीकरण आदि का महत्वपूर्ण योगदान है। जिससे जीव जन्तु मनुष्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जिसे गभीर बीमारी उत्पन्न हो रही है ।

4.पर्यावरण सुधार के उपाय:-

Paryavaran Pradushan Par Nibandh पर्यावरण प्रदूषण समस्या से लड़ने के लिए सरकार ने कई योजना और नियम बनाया है। सरकार पर्यावरण की गुणवत्ता की रक्षा और सुधार और पर्यावरण प्रदूषण को रोकना, नियंत्रित करना और समाप्त करने के लिए कई योजना बना रही है। जैसे अधिक से अधिक मात्रा में पेड़ पौधे लगाना , नदियों को साफ सुथरी रखना , जल की साफ सफाई करना , खनिज पर प्रतिबंध लगाना जैसे कई कदम सरकार उठा रही है। और लोगो को भी जागरूक किया जा रहा है ।

5.पर्यावरण प्रदूषण का उपसंहार :-

पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए सरकार नई नई योजना बना रही है लेकिन पर्यावरण के प्रति हमे जागरूक होना और लोगो को भी जागरूक करना चाहिए जीन वस्तुओं के उपयोग से पर्यावरण मेे बुरा असर पड़ता है उन वस्तुओं को हमें उपयोग से बचना चाहिए । जब हम लोग कदम उठाएंगे तब ही पर्यावरण को प्रदूषण से मुक्ति दिला सकते है।

निबंध पर्यावरण प्रदूषण( Paryavaran Pradushan Par Nibandh )

प्रस्तावना :-

पर्यावरण प्रदूषण वर्तमान समय में हमारे लिए सबसे बड़ा खतरा है।पर्यावरण को प्रभावित करने वाले हानिकारक पदार्थ और प्रदूषित पर्यावरण प्रदूषण का निर्माण करते हैं। सभी तरह के प्रदूषण जैसे वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, जल प्रदूषण, मिट्टी प्रदूषण, उष्मीय प्रदूषण, रेडियोधर्मी प्रदूषण, और अन्य पर्यावरण प्रदूषण के कारण हैं। जिसे काफी हानि पर्यावरण को होती है।

प्रदूषण के प्रकार (Environment Pollution Essay In Hindi)

• वायु प्रदूषण

बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण महानगरों में ही नहीं लेकिन छोटे-छोटे कस्बों और गाँवों में भी शुद्ध वायु मिलना मुश्किल होते जा रहा है , क्योंकि वन समाप्त होते जा रहे हैं। वृक्षों के अभाव में वायु की शुद्धता और गुणवत्ता दोनों ही घटती जा रही है। बड़े शहरों में तो वायु प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि लोगों को सास सम्बन्धी बीमारियाँ आम बात हो गई है।

• जल प्रदूषण

इन दिनों जलसंकट काफी मात्रा में है, इसके साथ ही इसकी शुद्धता और उपलब्धता दोनों ही बुरी तरह प्रभावित होते जा रही हैं। हमारे देश में सतह के जल का 80 प्रतिशत भाग बुरी तरह से प्रदूषित है और भूजल का स्तर निरन्तर नीचे जा रहा है। शहरीकरण और औद्योगीकरण ने हमारी बारहमासी नदियों के जीवन में जहर घोल दिया है।

• मृदा संकट

हमारी मृदा का स्वास्थ्य भी उत्तम नहीं कहा जा सकता है। देश की कुल 32 करोड़ 90 लाख हेक्टेयर भूमि में से 17 करोड़ 50 लाख हेक्टेयर जमीन गुणवत्ता के सन्दर्भ में निम्न तरह की है। हमारी पहली वन नीति में यह लक्ष्य रखा गया था कि देश का कुल एक तिहाई क्षेत्र वन होगा। कहा जाता है कि इन दिनों हमारे यहाँ 9 से 12 प्रतिशत वन ही शेष बचे है। और वन कटाई के कारण भूमि की मिट्टी वर्षा के साथ बह-बहकर समुद्र में जा रही है।

Paryavaran Pradushan Essay In Hindi

• पर्यावरण प्रदूषण रोकने का उपाय

साफ सुथरी सभ्यता को अपनाया जाये। अपने भवन में चाहे व्यक्तिगत हो या सरकारी कार्यालय हो, वर्षा जल-संचयन प्रणाली प्रयोग में लाएँ। जैविक-खाद्य अपनाएँ। पेड़-पौधे लगाएँ- अपने घर, फ्लैट या सोसाइटी में हर साल एक पौधा अवश्य लगाएँ और उसकी देखभाल करके उसे एक पूर्ण वृक्ष बनाएँ ताकि वह विषैली गैसों को सोखने में मदद कर सके। अपने आस-पास के वातावरण को हमेशा स्वच्छ रखें। सड़क पर कूड़ा मत फेंके। नदी, तालाब के पास हम कूड़ा नहीं डालें।पॉलिथिन व प्लास्टिक का उपयोग ना करे

• पर्यावरण प्रदूषण का उपसंहार

पर्यावरण संरक्षण के उपायों की जानकारी हर व्यक्ति और बच्चो के लिये आवश्यक है। पर्यावरण का संरक्षण तभी किया जा सकते है। जब हम अपनी नदियाँ, पर्वत, पेड़, पशु-पक्षी, वायु और हमारी धरती को बचा सकते है। अगर हम ठोस कदम नहीं उठाए तो आने वाले समय काफी विषम परिस्थिति से गुजरना होगा ।

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पर्यावरण प्रदूषण से जुड़े कुछ पूछे जाने वाले सवाल FAQ

1.प्रदूषण पर निबंध कैसे लिखें?

उत्तर – निबंध” एक लेखन कौशल की ऐसी विधा है, जिसमे किसी विषयवस्तु को ध्यान में रखते हुए उसके बारे में तीन से चार अनुच्छेदों में प्रभावी तरीके से बात लिखी जा सकती हैं।

2.पर्यावरण प्रदूषण कितने प्रकार के होते हैं?

उत्तर -पर्यावरण प्रदूषण के प्रकार इस प्रकार है; जैसे जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, मृदा प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, रेडियोधर्मी प्रदूषण आदि

3.प्रदूषण रोकने के उपाय क्या है?

उत्तर – प्रदूषण को रोकने के लिए हम बड़े पैमाने पर नये वन लगाने, वनों के विकास, संरक्षण एवं संवर्धन को प्रमुखता देकर पर्यावरण प्रदूषण को सकारात्मक नियंत्रण मे रखा जा सकता है।

4.वायु प्रदूषण क्या है परिभाषा?

उत्तर – वायु मण्डल में अनेक प्रदूषक तत्व जैसे धुआँ, धूल, गैस, दुर्गन्ध आदि बड़ी मात्रा में लम्बे समय तक उपस्थित रहें तो मनुष्य, वृक्ष एवं जीव-जन्तुओं के लिए हानिकारक होकर मनुष्य के सुखी जीवन एवं सम्पत्ति के लिए बाधा उत्पन्न करने लगते हैं तो उसे वायु प्रदूषण कहते हैं।

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